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मोदी सरकार कि वजह से ही चीन और पाकिस्तान एक हुए: राहुल गांधी

नई दिल्ली: संसद के जारी बजट सत्र में कांग्रेस के लोकसभा सांसद राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) पर देश की न्यायपालिका का अपमान करने का आरोप लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने कहा कि “न्यायपालिका, चुनाव आयोग और पेगासस – ये वो जरिया हैं, जिनका उपयोग पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने जनता की आवाज को दबाने के लिए किया।” राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के इस बयान पर केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू (Kiran Rijiju) ने उनके इस बयान की निंदा की है।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के बयान की निंदा करते हुए कहा कि “न केवल देश के कानून मंत्री के रूप में, बल्कि एक सामान्य भारतीय नागरिक होने के नाते भी मैं न्यायपालिका और EC को लेकर राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के कहे शब्दों की निंदा करता हूँ।इतना ही नहीं रिजिजू ने आगे कहा कि न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग हमारे लोकतंत्र के एक अहम संस्थान हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी को अपने इस बयान के लिए न्यायपालिका और EC से क्षमा माँगनी चाहिए।

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिया राहुल को करारा जवाब

दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने बुधवार को संसद के जारी बजट सत्र के दौरान एक बयान दिया था। जिसमें उन्होनें पीएम मोदी (PM Modi) और बीजेपी (BJP) के खिलाफ बयान देते हुए कहा कि, केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से ही आज चीन और पाकिस्तान साथ आ गए हैं।

जिसके बाद केन्द्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ( S. Jayshankar) ने उन्हें तथ्यों से रूबरु कराया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि, “लोकसभा में राहुल गाँधी(Rahul Gandhi) ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार चीन और पाकिस्तान को करीब लाने कि वजह है। शायद, उन्हें एक क्रम में इतिहास का पाठ पढ़ने जरूरत है। 1963 में पाकिस्तान ने अवैध रूप से शाख्सगाम घाटी को चीन को सौंप दिया था। वहीं, चीन द्वारा 1970 के दशक में काराकोरम हाइवे का निर्माण ‘पाक अधिकृत कश्मीर (POK)’ से होकर किया गया। उसी समय से ही इन दोनों देशों ने परमाणु क्षेत्र में भी गठबंधन कर लिया था।”

आपको बता दें, एस जयशंकर (S. Jayshankar) ने राहुल गांधी को यह याद दिलाया कि किस तरह 2013 में ‘चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर’ की शुरुआत भी हुई। उस समय केंद्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में UPA-2 की सरकार थी। उन्होंने राहुल गाँधी को करारा जवाब देते हुए कहा कि “आप स्वयं से ये प्रश्न पूछें कि क्या उस समय चीन और पाकिस्तान एक-दूसरे के दूर थे।”

बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी(Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि इस गणतंत्र दिवस पर भारत एक विदेशी अतिथि तक नहीं ला सका। एस जयशंकर (S. Jayshankar) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को इस पर भी जवाब दिया कि सेंट्रल एशियाई देशों के जो 5 राष्ट्रपति आने वाले थे, वे लोग 27 जनवरी को एक वर्चुअल समिट में भारत के साथ शामिल हुए थे। इस पर एस जयशंकर (S. Jayshankar) ने राहुल से सवाल किया कि “क्या राहुल गाँधी ने ये भी मिस कर दिया?”

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के अध्यक्ष और केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बुधवार को संसद में जारी बजट सत्र में केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। जिस दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, केंद्र सरकार के कारण ही आज चीन और पाकिस्तान साथ आ गए हैं।

अमेरिका ने भी नहीं किया राहुल गांधी के बयान का समर्थन   

जब राहुल गांधी(Rahul Gandhi) द्वारा लगाए गए इस आरोप को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस (Ned Price) से प्रश्न किया गया,  तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि, “वे इस तरह के बयान का समर्थन नहीं करते।” बुधवार को संसद में  राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कश्मीर पर भारत सरकार का लिया हुआ फैसला गलत है।

बता दें, शायद राहुल गांधी का इशारा कश्मीर में धारा 370 हटाने को लेकर था। लेकिन राहुल गांधी के इन आरोपों के जवाब में नेड प्राइस (Ned Price) ने कहा कि, “मैं इसे पाकिस्तान और चीन पर ही छोड़ देता हूं कि वे अपने संबंधों के बारे में बात करें। मगर मैं निश्चित तौर पर इस प्रकार के किसी भी बयान का समर्थन नहीं करूंगा।”

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